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Thursday, 28 December 2017

True Story Of जय दारू माता

True Story Of जय दारू माता || Funny दारू आरती || Talking Tom Funny Video http://tz.ucweb.com/12_44ZcW

सनी देओल की आने वाली फिल्म ग़दर २ का जबरदस्त ट्रेलर

सनी देओल की आने वाली फिल्म ग़दर २ का जबरदस्त ट्रेलर http://tz.ucweb.com/12_44YFU

Ias interview

"IAS इंटरव्यू में पूछा, रोटी को शुद्ध हिंदी में क्या कहते है ? 24 Dec. 2017 Narendra jagarwal फ़ॉलोअर्स 26691 फॉलो करें दोस्तों, आईएएस की परीक्षा देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक होती है | इस परीक्षा में कैंडिडेट्स से तरह तरह से सवाल पूछे जाते है जिसका जवाब दे पाना मुश्किल होता है | 1. क्यूरी किसकी इकाई का नाम है ? उत्तर - रेडियोएक्टिव धर्मिता की 2. सेकेण्ड पेण्डुलम का आवर्तकाल कितना होता है ? उत्तर - 2 सेकेण्ड 3. कौन सा पहला राष्ट्रीय उद्यान भारत में स्थापित किया गया ? उत्तर - कॉर्बेट 4. एडवर्ड जेनर किस रोग से संबंधित है ? उत्तर - चेचक रोग से 5. किस व्यक्ति ने भारतीय दंड संहिता 1860 का प्रारुप तैयार किया था ? उत्तर - लॅार्ड मैकाले ने 6. राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष की नियुक्ति कौन करता है ? उत्तर - राज्यपाल 7. आर्यों ने सबसे पहले किस धातु की खोज की थी ? उत्तर - लोहा 8. सडेन हेथ शब्द किस खेल से संबंधित है ? उत्तर - कुश्ती से 9. वृंदावन एक्सप्रेस किन स्थानों के मध्य चलती है ? उत्तर - चेन्नई और बैंगलुरू Copyright Holder: Narendra jagarwal 10. रोटी को शुद्ध हिंदी में क्या कहते है ? उत्तर - रोटी को शुद्ध हिंदी में रोटी ही कहते है, कई जगहों पर रोटी को चपाती या अन्न भी कहा जाता है" - IAS इंटरव्यू में पूछा, रोटी को शुद्ध हिंदी में क्या कहते है ? http://tz.ucweb.com/12_44X2M

IAS interview

"IAS इंटरव्यू में पूछा गया की ABCD में कितने अक्षर होते है? 27 Dec. 2017 Best Health Knowledge फ़ॉलोअर्स 11411 फॉलो करें नमस्कार दोस्तों लोग ये तो जानते ही होंगे की IAS की परीक्षा या दुसरे कम्पटीशन में कई बार इसे सवाल पूछे जाते है जो हमें पता होते है फिरभी कई बार हम कंफ्यूज होकर उन सवालों के जवाब नहीं दे पाते | IAS और IPS के इंटरव्यू में बहोत से अटपटे सवाल पूछे जाते है | इसीलिए आज फिरसे एक बार हम आपके लिए इसे कुछ सवाल लेकर आये है जिनको कई बार पूछे जा चुके है या फिर किसी भी इंटरव्यू में पूछे जा सकते है तो चलिए जानते है Copyright Holder: Best Health Knowledge सवाल 1 : विश्व का सबसे आलसी देश कौन सा है? जवाब 1 : इंडोनेशिया सवाल 2 : विश्व में कुल कितने देश है? जवाब 2 : 353 देश मौजूद है सवाल 3 : किस जिव का रक्त सफ़ेद होता है? जवाब 3 : तिलचटा (कोकरोच) सवाल 4 : ABCD में कितने अक्षर होते है? जवाब 4 : सिर्फ 4 अक्षर होते है सवाल 5 : मुसलमानों के लिए विश्व में सबसे पवित्र शहर कौन सा है? जवाब 5 : मक्का सवाल 6 : मनुष्य के शरीर में अधिकतर कितना लीटर खून होता है? जवाब 6 : दोस्तों आपके लिए आज का सवाल जिसका जवाब आपको कमेंट बॉक्स में देना " - IAS इंटरव्यू में पूछा गया की ABCD में कितने अक्षर होते है? http://tz.ucweb.com/12_44WDR

Ips interview question

"IAS इंटरव्यू में पूछा गया सवाल, GST सबसे पहले किस देश ने लगाई थी 18 Dec. 2017 E4Entertainment फ़ॉलोअर्स 213331 फॉलो करें नमस्कार दोस्तों हमारे चैनल पर आप सभी का स्वागत है। IAS इंटरव्यू को भारत के सबसे कठिन इंटरव्यू में से एक माना जाता है लेकिन अगर इस इंटरव्यू में प्रत्याशी को चुन लिया तो उसका भविष्य सुधर जाता है। आज हम आपको बताएंगे IAS इंटरव्यू में पूछे गए कुछ प्रश्न, जो IAS इंटरव्यू की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं। Copyright Holder: E4Entertainment 1. GST सबसे पहले किस देश ने लगाई थी ? उत्तर- सबसे पहले GST फ्रांस ने लगाई थी। 2. भारत रत्न प्राप्त करने वाला सबसे पहला संगीतकार कौन सा था? उत्तर- एम. एस. सुब्बुलक्ष्मी 3. अर्थशास्त्र में नोबेल पुरस्कार किसने स्थापित किया था? उत्तर- स्वीडन का सेंट्रल बैंक 4. भारत रत्न का सम्मान पाने वाला खेलों का पहला व्यक्ति कौन है? उत्तर- सचिन तेंदुलकर 5. नोबेल शांति पुरस्कार प्राप्त करने वाला भारतीय कौन है? उत्तर- मदर टेरेसा दोस्तों अगर आपको हमारी यह पोस्ट पसंद आई है तो नीचे दिए गए दिल के निशान पर क्लिक करके इस पोस्ट को लाइक करना ना भूलें। अगर आप हर रोज इस तरह की रोचक पोस्ट प्राप्त करना चाहते हैं तो नीचे दिए गए फॉलो के बटन को दबाएं ताकि आपको हर रोज इस तरह की नई पोस्ट मिलती रहे, और साथ में इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें ताकि अधिक से अधिक लोग इस पोस्ट को पढ़ सके धन्यवाद" - IAS इंटरव्यू में पूछा गया सवाल, GST सबसे पहले किस देश ने लगाई थी http://tz.ucweb.com/12_44WdU

Fasion

"फैशन की गजब चाहत, पेट पर लगवा लिए बटन ! Janman इन दिनों टैटू बनवाना एक ट्रेंड बन गया है. इतना नि नहीं लोग इसे एक हद से ज्यादा पसंद करतें हैं आज लोगों में इसके प्रति दीवानगी भी देखी जा सकती हैं. लेकिन आज हम टैटू की ऐसी टेक्नोलॉजी के बारे में जानना रुचिकर है. जिसमें देखने वाले को ये कन्फ्यूजन होता है कि ये सच है या झूठ. बॉडी आर्ट को 3 डी टेक्नोलॉजी के माध्यम से शरीर पर बनवाने के लिए एक खास तरह की इंक का यूज होता है. आइये एक नजर डालतें हैं 3 डी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके बनाए गए ऐसे ही टैटूज की तस्वीरों पर… 3 डी टेक्नोलॉजी के टैटू इस इंक से टैटू आर्टिस्ट ऐसा रियलिस्टिक क्रिएशन कर रहे हैं, जिससे देखने वाले के लिए ये समझ पाना मुश्किल है कि ये फोटो रियल है या सिर्फ आर्ट का कमाल है. खूबसूरत डॉल की ये तस्वीर 3 डी टेक्नोलॉजी के टैटू का कमाल है. घुटने पर बना यह टैटू देखकर टैटू आर्ट की तारीफ की जा सकती है. ये तस्वीर आंख की नहीं, बल्कि टैटू है जिसे बॉडी पर बनाया गया है" - फैशन की गजब चाहत, पेट पर लगवा लिए बटन ! http://tz.ucweb.com/12_44W1m

Ips interview questions

"IPS इंटरव्यू में पूछा कौन सी चीज को लड़के रोज और लड़कियां साल में एक बार पहनती है ? 24 Dec. 2017 Express now फ़ॉलोअर्स 39855 फॉलो करें दोस्तों आपने ऐसे बहुत सारे सवाल सुने होंगे जो कि सुनने में सरल लगते हैं मगर उनका जवाब देना एक तरह से कठिन हो जाता है। आज हम बात करेंगे कुछ और नए सवाल जवाब जो IAS इंटरव्यू में पूछे गए है। 1). एक्स-रे का आविष्कार किसने किया था ? उत्तर - रांटजन 2). भारत में प्रथम बार रेल कब चली ? उत्तर - 1853 में 3). रेडियोऐक्टिवता की खोज किसने की थी ? उत्तर - हेनरी वेकरल ने 4). इंग्लैंड में औद्योगिक क्रांति का आरंभ किस उद्योग से हुआ ? उत्तर - सुती कपड़ा उद्योग से 5). कौन सा शहर चोल राजाओं की राजधानी था ? उत्तर - तंजोर 6). ग्रहों की कक्षाओं के कानूनों की खोज किसने की थी ? उत्तर - केपलर ने 7). मोती मुख्य रूप से किस पदार्थ का बना होता है ? उत्तर - कैल्शियम कार्बोनेट से General Knowledge (Source -Twitter) 8). भारतीयों द्वारा संचालित पहला बैंक कौन सा था ? उत्तर - अवध कमर्शियल बैंक 9). कौन सी चीज को लड़के रोज और लड़कियां साल में एक बार पहनती है ? उत्तर - जनेऊ" - IPS इंटरव्यू में पूछा कौन सी चीज को लड़के रोज और लड़कियां साल में एक बार पहनती है ? http://tz.ucweb.com/12_44VLo

वह कौन सा गेट है

"वह कौन सा गेट है जिससे कोई नहीं निकल सकता ? 28 Dec. 2017 Chander shekhar फ़ॉलोअर्स 39314 फॉलो करें अगर आप लगातार एजुकेशन और दिमाग तेज करने वाले सवाल सीखना और पढना चाहते हो तो उपर दिए गए follow बटन पर क्लिक करना ना भूले । Third party image reference सवाल - सबसे जहरीली मछली का क्या नाम है ? जवाब - स्टोन फिश सवाल - भारत का राष्ट्रीय फूल कौन-सा है ? जवाब - कमल सवाल - किस लोक देवता को जाहर पीर कहा जाता है ? जवाब - गोगाजी सवाल - बृहस्पति सूर्य की परिक्रमा पूरी करने में कितना समय लेता है ? जवाब - 12 साल सवाल - सतीश धवन स्पेस सेंटर कहाँ स्थित है ? जवाब - श्रीहरिकोटा में सवाल - सबसे अधिक प्राकृतिक रबर का उत्पादन किस देश में होता है ? जवाब - थाईलैंड में सवाल - वह कौन सा गेट है जिससे कोई नहीं निकल सकता ? जवाब - कोलगेट हैल्लो दोस्तो आप कैसे हो। आपको हमारा यह Gk प्रश्न बहुत अच्छा लगा होगा। हमारा यह आर्टिकल पढ़ने के लिए आपका बहुत धन्यवाद। आपको यह आर्टिकल पसंद आया हो तो कमेंट कीजिए। नीचे दिए गए दिल के आइकॉन को दबाना ना भूलें। ताकि हम आपके लिए ऐसे और भी जल्दी जल्दी प्रश्न ला सके और आपके नॉलेज को बढ़ा सके। आपका कीमती वक्त देने के लिए शुक्रिया, आपका दिन शुभ हो।" - वह कौन सा गेट है जिससे कोई नहीं निकल सकता ? http://tz.ucweb.com/12_44VtZ

आपकी ये 3 आदतें जो आप रोज करते हैं

" आपकी ये 3 आदतें जो आप रोज करते हैं Original 26 Dec. 2017 Focuspost फ़ॉलोअर्स 204070 फॉलो करें Third party image reference किडनी आपके शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है जो आपके शरीर में काफी सारे काम करती है पर आपकी रोजमर्रा की आदतें आपकी किडनी को खराब कर रही हैं। अगर आप भी इन आदतों को छोड़ेंगे नहीं तो हो सकता है की आपकी किडनी आपका साथ छोड़ दें। ऐसे में अपनी किडनी का ध्यान रखना बहुत जरुरी हो जाता है। आज की पोस्ट में हम आपको बताएँगे की ऐसी कौन सी तीन आदतें हैं जो आपकी किडनियों को खराब कर रही हैं। पेशाब को रोककर रखने की आदत:- अगर आप भी उनलोगो में से हैं जो पेशाब आने पर तुरंत पेशाब न कर काफी समय बाद करते है तो आपकी किडनियों को खतरा हो सकता है। ऐसा करने से ना केवल किडनियों को नुकसान पहुंचाता है बल्कि इससे आपके ब्लैडर पर भी काफी असर पड़ता है इसलिए अगर आप ऐसा करते हैं तो आपको ऐसा करना तुरंत बंद कर देना चाहिए। बेहद कम पानी पीना:- सामान्य व्यक्ति को रोजाना दस से बारह गिलास पानी जरूर पीना चाहिए। वह व्यक्ति जो तीन से चार लीटर पानी पीता है उनकी किडनियां बाकी व्यक्तियों की तुलना में ज्यादा स्वस्थ रहती है इसलिए अगर आपको भी कम पानी पीने की बुरी आदत है तो आपको इसे तुरंत दूर कर देना चाहिए। ज्यादा नमक का सेवन:- अगर आप भी ज्यादा नमक का सेवन करते हैं तो इसका आपके किडनियों पर काफी बुरा असर पड़ता है। ज्यादा नमक खाने से ना केवल आपकी किडनियों पर बुरा असर पड़ता है बल्कि ये आपके शरीर में कई बुरी बीमारियों को भी बुलावा देता है। ऐसे में अगर आप ज्यादा नमक का सेवन करते हैं तो इसे तुरंत बंद कर देना चाहिए।" - किडनी को खराब कर रही हैं आपकी ये 3 आदतें जो आप रोज करते हैं http://tz.ucweb.com/12_44UMT

"तीन तलाक

"तीन तलाक: ओवैसी का PM मोदी पर तंज, कहा- ‘गुजरात में हमारी भाभी को भी इंसाफ मिलना चाहिए’ Jantaka Reporter 28 Dec. 2017 17:13 मुसलमानों के बीच एक साथ तीन तलाक (तलाक-ए-बिद्दत) को आपराधिक बताने और इस चलन को समाप्त करने के प्रस्ताव वाला बहुचर्चित विधेयक गुरुवार (28 दिसंबर) को लोकसभा में पेश हो गया। तीन तलाक को प्रतिबंधित करने और विवाहित मुस्लिम महिलाओं के अधिकार सुरक्षित करने से संबंधित ‘मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) विधेयक, 2017 को केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने पेश किया। बिल का AIMIM, टीएमसी, आरजेडी, बीजेडी जैसे विपक्षी दल विरोध कर रहे हैं। बता दें कि इस विधेयक को इस महीने ही केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी थी। संसद में बहस के दौरान तीन तलाक बिल में आपराधिक प्रावधान का विपक्ष विरोध किया। AIMIM नेता असदुद्दीन ओवैसी ने बिल का विरोध करते हुए कहा कि बिल पास हुआ तो मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों का हनन होगा। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित कानून को लेकर मुस्लिमों से कोई चर्चा नहीं कई गई। किसने क्या कहा? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए ओवैसी ने कहा कि “देश में 20 लाख ऐसी महिलाएं हैं, जिन्हें उनके पतियों ने छोड़ दिया है और वो मुसलमान नहीं हैं। उनके लिए कानून बनाए जाने की जरूरत है। इनमें गुजरात में हमारी ‘भाभी’ (बिना नाम लिए ओवैसी का इशारा पीएम मोदी की पत्नी की तरफ था) भी है। उन्हें भी इंसाफ मिलना चाहिए। ये सरकार ऐसा नहीं कर रही है।” ओवैसी ने आरोप लगाया कि यह विधेयक संविधान की अवहेलना करता है और कानूनी रूपरेखा में उचित नहीं बैठता। उन्होंने कहा कि मुस्लिम महिलाओं के साथ अन्याय के मामलों से निपटने के लिए घरेलू हिंसा कानून और आईपीसी के तहत अन्य पर्याप्त प्रावधान हैं और इस तरह के नये कानून की जरूरत नहीं है। ओवैसी ने कहा कि यह विधेयक पारित होने और कानून बनने के बाद मुस्लिम महिलाओं को छोड़ने की घटनाएं और अधिक बढ़ जाएंगी। उन्होंने कहा कि देश में पहले से कानून हैं, घरेलू हिंसा निवारण अधिनियम है, आईपीसी है। आप वैसे ही काम को फिर से अपराध घोषित नहीं कर सकते। इस बिल में विरोधाभास हैं। कानून मंत्री ने राजनीति पार्टियों से की अपील केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने विधेयक पेश करते हुए कहा कि यह कानून ऐतिहासिक है और सुप्रीम कोर्ट द्वारा ‘तलाक ए बिदत’ को गैरकानून घोषित किये जाने के बाद मुस्लिम महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए इस सदन द्वारा इस संबंध में विधेयक पारित करना जरूरी हो गया है। उन्होंने इस संबंध में कुछ सदस्यों की आपत्तियों को खारिज करते हुए कहा कि यह कानून किसी मजहब से जुड़ा नहीं बल्कि नारी सम्मान से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि, “देश की महिलाएं बहुत पीड़ित हुआ करती थीं। 22 अगस्त 2017 को सुप्रीम कोर्ट ने इसे असंवैधानिक बताया था। आज (28 दिसंबर) सुबह मैंने पढ़ा रामपुर की एक महिला को तीन तलाक़ इसलिए दिया गया, क्योंकि वो सुबह देर से उठी थी। मंत्री ने कहा कि “महिलाओं की गरिमा से जुड़ा है तीन तलाक। सुप्रीम कोर्ट से भी तीन तलाक खारिज हो चुका है। उन्होंने कहा कि उम्मीद थी कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद देश में स्थितियां बदलेंगी, लेकिन जहां इस साल 300 तीन तलाक़ हुए हैं वहीं सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी 100 तीन तलाक हुए हैं। प्रसाद ने कहा कि, “क्या सदन को खामोश रहना चाहिए? शरिया पर हस्तक्षेप नहीं करना चाहते। यह बिल केवल तीन तलाक या तलाक-ए-बिद्दत पर है। लोकसभा देश की सबसे बड़ी पंचायत से अपील है इस बिल को सियासत की सलाखों से न देखा जाये। दूसरी अपील है कि इसे दलों की दीवार से न बांधा जाये। तीसरी अपील है कि इस बिल को मजहब के तराजू पर न तौला जाये। चौथी अपील है कि इस बिल को वोट बैंक के खाते से न परखा जाये। ये बिल है हमारी बहनों, बेटियों की इज्जत आबरू का। कांग्रेस द्वारा बिल को स्थायी समिति में भेजे जाने की मांग खारिज कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि, “सरकार के बिल में कुछ खामियां हैं। हर कोई महिलाओं के अधिकार के पक्ष में है। बिल को संसद की स्थायी समिति को भेजा जाये। हालांकि सरकार ने कांग्रेस की इस मांग को खारिज कर दिया। कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि जो सुझाव है वो संसद में ही दे दें। वहीं, असम से सिल्चर से कांग्रेस की सांसद सुष्मिता देव ने कानून मंत्री से सवाल पूछा कि, “अगर आप इसे अपराध बनायेंगे और पति को जेल भेजेंगे तो महिला और उसके बच्चे का का भरण पोषण कौन करेगा? अगर महिलाओं का ख्याल है तो क्या महिला आरक्षण विधेयक भी सरकार संसद में लायेगी? सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में तीन तलाक को प्रतिबंधित कर दिया है। अगर मुस्लिम महिलाओं के उत्थान का विचार है तो मुस्लिम महिलाओं के लिए एक फंड बनाया जाये जो पति के जेल जाने की स्थिति में उसके भरण पोषण के लिए इस्तेमाल किया जाये। अन्य राजनीतिक पार्टियों ने क्या कहा? राजद के जयप्रकाश नारायण यादव ने भी विधेयक को गैरजरूरी बताते हुए कहा कि इसमें दोषी को तीन साल की सजा का प्रावधान सही नहीं है। बीजद के भर्तृहरि महताब ने विधेयक को पेश करने के तरीके पर सवाल खड़ा किया और कहा कि इसका मसौदा बनाने में खामियां हैं। उन्होंने कहा कि इस विधेयक में तीन तलाक के संबंध में सुप्रीम कोर्ट का दिया हुआ फैसला नहीं झलकता और सरकार को इसे वापस लेकर पुनर्विचार करना चाहिए। वहीं आईयूएमएल के ईटी मोहम्मद बशीर और अन्नाद्रमुक के ए अनवर राजा ने भी विधेयक को गैरजरूरी बताते हुए कहा कि यह विवाहित मुस्लिम महिलाओं के साथ न्याय करने के बजाय उनके साथ अन्याय को बढ़ाएगा। मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने किया विरोध वहीं, इस विधेयक के खिलाफ ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना सैय्यद राबे हसनी नदवी ने पीएम नरेंद्र मोदी से अनुरोध किया है कि वह तीन तलाक के प्रस्तावित बिल को संसद में पेश करने के लिए आगे न बढ़ाएं और इसे वापस ले लें। उन्होंने यह भी कहा है कि यह बिल असंवैधानिक है। मौलाना नदवी ने प्रधानमंत्री से यह अनुरोध सोमवार 25 दिसंबर को भेजे गए पत्र में किया है। पत्र में प्रधानमंत्री से कहा गया है कि अगर उनकी सरकार तीन तलाक के बाबत कानून बनाना जरूरी समङो तो ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और मुस्लिम महिला संगठनों के प्रतिनिधियों से जरूर सलाह-मशविरा करे। उन्होंने पत्र में कहा है कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड इस बिल का हर स्तर पर विरोध करेगा। 3 साल की सजा का प्रावधान इस विधेयक को गृह मंत्री राजनाथ सिंह के नेतृत्व वाले अंतर मंत्रीस्तरीय समूह ने तैयार किया है जिसमें मौखिक, लिखित या एसएमएस या व्हाट्सएप के जरिये किसी भी रूप में तीन तलाक या तलाक ए बिद्दत को अवैध करार देने तथा पति को तीन साल के कारावास की सजा का प्रावधान किया गया है। बता दें कि केंद्र सरकार ने ‘मुस्लिम वीमेन प्रोटेक्शन ऑफ राइट्स ऑन मैरेज बिल’ के नाम तीन तलाक पर रोक लगाने के लिए बिल लाया है। बिल के कानून बनने के बाद यह सिर्फ तीन तलाक (तलाक-ए-बिद्दत) पर लागू होगा। कानून बनने के बाद अगर कोई शख्स तीन तलाक देगा तो वो गैर-कानूनी होगा। कानून में तीन तलाक पर तीन साल की सजा और जुर्माने का प्रावधान होगा। साथ ही पीड़ित महिलाओं को कोर्ट से गुहार लगाकर उचित मुआवजा और अपने नाबालिग बच्चों की कस्टडी मांगने की अनुमति देने का प्रस्ताव है। इस मामले में आरोपी को जमानत भी नहीं मिल सकेगी। इसके जरिए जुबानी, लिखित या किसी इलेक्ट्रॉनिक तरीके से (ईमेल, SMS आदि) एकसाथ तीन तलाक (तलाक-ए-बिद्दत) को गैरकानूनी बनाया जाएगा। संसद के दोनों सदनों से पास होने के बाद यह कानून बन जाएगा। केंद्रीय कैबिनेट ने इस महीने की शुरुआत में ही इस बिल पर मुहर लगाई थी। इस बिल को तैयार करने वाले मंत्रियों के समूह में गृह मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री अरुण जेटली, कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद, अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी और दो राज्य मंत्री शामिल थे। सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक को बताया था असंवैधानिक बता दें कि इसी साल 22 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने तीन-दो के बहुमत से ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए तीन तलाक को खत्म करते हुए असंवैधानिक करार दिया था। साथ ही शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार से इस संबंध में छह महीने के अंदर कानून बनाने को कहा था। तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश जस्टिस जगदीश सिंह खेहर और जस्टिस नजीर ने अल्पमत में दिए फैसले में कहा था कि तीन तलाक धार्मिक प्रथा का हिस्सा है, इसलिए कोर्ट इसमें दखल नहीं देगा। हालांकि दोनों जजों ने माना कि यह पाप है, इसलिए सरकार को इसमें दखल देना चाहिए और तलाक के लिए कानून बनना चाहिए। दोनों जजों ने कहा था कि तीन तलाक पर छह महीने का रोक लगाया जाना चाहिए, इस बीच में सरकार कानून बना ले और अगर छह महीने में कानून नहीं बनता है तो रोक जारी रहेगा। साथ ही खेहर ने यह भी कहा था कि सभी पार्टियों को राजनीति को अलग रखकर इस मामले पर फैसला लेना चाहिए। जबकि न्यायमूर्ति जोसेफ, न्यायमूर्ति नरीमन और न्यायमूर्ति उदय यू ललित ने इस मुद्दे पर प्रधान न्यायाधीश और न्यायमूर्ति नजीर से स्पष्ट रूप से असहमति व्यक्त की थी कि क्या तीन तलाक इस्लाम का मूलभूत आधार है। बता दें कि पांच जजों की संवैधानिक बेंच ने छह दिनों की मैराथन सुनवाई के बाद 18 मई को इस पर फैसला सुरक्षित रख लिया था। पीठ ने ग्रीष्मावकाश के दौरान 11 से 18 मई तक सुनवाई की थी। सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित इस संविधान पीठ में विभिन्न धार्मिक समुदायों से ताल्लुक रखने वाले न्यायाधीश शामिल थे। जस्टिस अब्दुल नजीर (मुस्लिम) के अलावा जस्टिस कुरियन जोसेफ (ईसाई), आरएफ नरीमन (पारसी), यूयू ललित (हिंदू), और इस बेंच की अध्यक्षता कर रहे सुप्रीम कोर्ट के तत्कालीन मुख्य न्यायधीश जेएस खेहर (सिख) शामिल " - तीन तलाक: ओवैसी का PM मोदी पर तंज, कहा- ‘गुजरात में हमारी भाभी को भी इंसाफ मिलना चाहिए’ http://tz.ucweb.com/12_44U9H

"तीन तलाक

"तीन तलाक: लोकसभा में बिना किसी संशोधन के पास हुआ ऐतिहासिक बिल, जानें- इससे जुड़ी 10 बड़ी बातें Livehindustan 28 Dec. 2017 20:13 तीन तलाक: लोकसभा में बिना किसी संशोधन के पास हुआ ऐतिहासिक बिल, जानें- इससे जुड़ी 10 बड़ी बातें लोकसभा में गुरुवार को एक साथ तीन तलाक पर रोक लगाने वाला ऐतिहासिक मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) विधेयक-2017 बिना किसी संशोधन के पास हो गया। सदन में विधेयक के खिलाफ सभी संशोधन खारिज हो गए। अब इस बिल को राज्यसभा में पेश किया जायेगा। लोकसभा में तीन तलाक बिल पर AIMIM प्रमुख असादुद्दीन ओवैसी के तीनों संशोधन बुरी तरह खारिज हुए। इसके अलावा कांग्रेस की सुष्मिता देव और सीपीआईएम के ए संपत के संशोधन भी खारिज किए गए। इससे पहले गुरुवार को केंद्र सरकार ने लोकसभा में इस बिल को पेश किया। इस पर लंबी बहस हुई। एआईएमआईएम, आरजीडी, टीएमसी और बीजेडी समेत कई दलों ने इसकी तीखी आलोचना की। बिल में कांग्रेस ने भी कुछ खामियां बतायी। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि हर कोई महिलाओं को अधिकार देने के पक्ष में है। उन्होने कहा कि इस बिल को संसद की स्थायी समिति में भेजा जाना चाहिए। जबकि, एआईएमआईएम के असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि यह बिल मौलिक अधिकारों का हनन करता है। बीजू जनता दल के सांसद भर्तुहरि मेहताब ने कहा कि इस बिल के अंदर ही कई तरह की विसंगतियां है। जबकि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केन्द्रीय मंत्री सलमान खुर्शी ने कहा कि मैं नहीं समझता हूं कि इसे समर्थन किया जाना चाहिए क्योंकि यह किस तरह से तीन तलाक को अपराध बनाने पर महिलाओं को फायदा पहुंचाएगा। अगर किसी को अपराधी के तौर पर सज़ा देकर जेल में डाल दी जाती है तो फिर उसके परिवार की देखभाल कौन करेगा। कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने मजबूती के साथ अपनी दलीलें कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि अगर मुस्लिम महिलाओं, बहनों के हित में बिल लाना अपराध है तो ये अपराध हम 10 बार करेंगे। बिल पेश करने के बाद चर्चा के दौरान कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने इस बिल को महिला के समानता वाला बिल बताया है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम महिलाओं के साथ अमानवीय व्यवहार हुआ है। शरीयत में दखल नहीं दे रहे हैं। कानून मंत्री ने कहा कि तीन तलाक पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले आने के बाद भी सौ से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। उन्होंने कहा कि इसके बाद पुलिस से नहीं बल्कि सिर्फ मजिस्ट्रेट से ही जमानत संभव हो पाएगी। रविशंकर ने तीन तलाक बिल पर बोलते हुए कहा इसे राजनीति से ना जोड़े। कानून मंत्री ने कहा कि मजहब के तराजू पर बिल को ना तौला जाए। धर्म या राजनीति के लिए यह बिल नहीं लेकर आए हैं। बिल की 10 खास बातें 1-यह एक महत्वपूर्ण बिल है जिससे एक साथ तीन तलाक देने के खिलाफ सज़ा का प्रावधान होगा जो मुस्लिम पुरुषों को एक साथ तीन तलाक कहने से रोकता है। ऐसे बहुत से मामले हैं जिनमें मुस्लिम महिलाओं को फोन या सिर्फ एसएमएस के जरिए तीन तलाक दे दिया गया है। 2-इस बिल में तीन तलाक को दंडनीय अपराध का प्रस्ताव है। ये बिल तीन तलाक को संवैधानिक नैतिकता और लैंगिक समानता के खिलाफ मानता है। इस बिल के प्रावधान के मुताबिक, अगर कोई इस्लाम धर्म मानने वाला फौरन तीन तलाक देता है यह दंडनीय होगा और उसके लिए उसे तीन साल तक की जेल हो सकती है। 3- इस बिल को गृहमंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में अंतर-मंत्रिस्तरीय समूह ने तैयार किया है। जिसमें तीन तलाक यानि तलाक-ए-बिद्दत वो चाहे किसी भी रूप में हो जैसे- बोलकर, लिखित या फिर इलैक्टोनिक (एमएसएस या व्हाट्स एप), वह अवैध होगा। उसके लिए पति को तीन साल की कैद का प्रावधान है। इसे केन्द्रीय मंत्रीपरिषद की ओर से पहले ही मंजूरी दी जा चुकी है। 4-बिल के प्रावधान के मुताबिक, पति के ऊपर जुर्माना भी लगाया जा सकता है। लेकिन, कितना जुर्माना हो यह फैसला केस की सुनवाई के दौरान मजिस्ट्रेट की ओर से सुनाया जाएगा। 6- प्रस्तावित कानून सिर्फ एक साथ तीन तलाक पर ही लागू होगा और इसमें पीड़ित को यह अधिकार होगा कि वह मजिस्ट्रेट से गुजारिश कर अपने लिए और अपने नाबालिग बच्चे के लिए गुजारा भत्ते की मांग करे। इसके अलावा महिला मजिस्ट्रेट से अपना नाबालिग बच्चे को अपने पास रखने के लिए भी दरख्वास्त कर सकती है। अंतिम फैसला मजिस्ट्रेट का ही होगा। 7- इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक पर सुनवाई के दौरान इसे असंवैधानिक करार दिया था। तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश जे.एस. खेहर ने केन्द्र सरकार को यह निर्देश दिया था कि वह इस बारे में एक कानून लेकर आए। 8- तीन तलाक पर सुप्रीम कोर्ट के आए आदेश का देशभर में स्वागत किया गया था। खासकर, मुस्लिम महिलाओं ने इस जबरदस्त तरीके से समर्थन किया। 9- हालांकि, एक साथ तीन तलाक को आपराधिक बनाने से सभी खुश नहीं है। कुछ मुस्लिम विद्वानों और संगठनों ने इसका विरोध किया है। इसके साथ ही, वे इसे मुस्लिम पर्सनल शरिया कानून में दखल मान रहे हैं। 10- ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) ने इस बिल का विरोध किया है। बोर्ड का कहना है कि यह बिल शरिया कानून के खिलाफ है और अगर यह कानून बनता है तो कई परिवार तबाही के कगार पर आ जाएंगे" - तीन तलाक: लोकसभा में बिना संशोधन पास हुआ ऐतिहासिक बिल, जानें इससे जुड़ी 10 बड़ी बातें http://tz.ucweb.com/12_44zEh